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मध्य प्रदेश: मोटर साइकिल से इतनी प्याज ढोई कि सामने आ सकता है करोड़ों का घोटाला
February 29, 2020 • Admin

भोपाल: मध्य प्रदेश में एक ऐसे घोटाले की भनक लगी है जिसमें जांच पूरी होते-होते करोड़ों का घपला सामने आ सकता है. एमपी में प्याज को लेकर बड़ा घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है, जिसमें किसानों के नाम पर ली गई राशि हड़पी गई. यह घोटाला भावांतर योजना के अंतर्गत हुआ जिसमें किसानों से खरीदी गई प्याज की प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में है.

दरअसल, जांच में यह पता लगा है कि फर्जी वाहनों के जरिए प्याज का ट्रांसपोर्टेशन बताया गया और भावांतर योजना के तहत करोड़ों की राशि हासिल कर ली गई. जांच में जिस तरह से प्याज का परिवहन हुआ है वो सवालों के घेरे में है क्योंकि जांच में सामने यह आया है कि मोटरसाइल और जेसीबी से किसानों की प्याज ढोई गई और एक दिन में 100 से ज्यादा फेरे लिए गए. गौरतलब है कि  2019 में कमल नाथ सरकार ने प्याज खरीदी के लिए 20 जिलों के लिए 116 करोड़ का प्रावधान करके किसानों के खाते में राशि पहुंचायी थी.

ऐसे खुला घोटाला
- कृषि विभाग ने देखा कि एक ही वाहन से मंडी में कई दफा प्याज लायी गई.
- कुछ वाहन 10 से 12 फेरे ले रहे थे तो कई वाहनों ने 65, 78, 85 और 112 फेरे तक लिए.
- कृषि अफसरों को वाहनों के इतना फेरे लेकर प्याज सप्लाई करना नामुमकिन लगा.
- मामले की जांच शुरू की गई और दिसंबर में मालवा की कुछ मंडियों की जांच शुरू की.
- वाहन नंबरों की जांच हुई तो कई नंबर मोटर साइकिल और जेसीबी के निकले.

जारी है जांच, कइयों पर आंच!
प्याज खरीदी घोटाले के मामले में कुछ इलाकों की जांच कृषि विभाग के मुख्यालय पहुंच चुकी है और कुछ जगह की जांच प्रक्रिया में हैं. जांच के शुरुआती बिंदुओं में ही भारी घोटाले का आभास हो रहा है. अफसरों को आशंका है कि प्याज की खरीदी हुए बगैर ही किसानों के नाम पर राशि का बंदर बांट हो गया. यह राशि फर्जी किसानों, मंडी के दलालों और या फिर अफसरों की मिली भगत के जरिए हड़पी गई है. अब कृषि विभाग इस बात का भी पता लगा रहा है कि यह राशि किसानों के खातों में जमा हुई भी है या नहीं.  

भावांतर योजना में इस प्रक्रिया का होना था पालन
- प्याज उत्पादक किसान को योजना के अंतर्गत कराना होता है पंजीयन
- पंजीकृत किसान को देनी होती है प्याज उत्पादन समेत व्यक्तिगत जानकारी
- बैंक खाते, वोटर आईडी, खेतीहर जमीन समेत आधार कार्ड जानकारी ली जाती है
- रजिस्टर्ड किसान मंडी पहुंचकर प्याज बेचते हैं, राशि उनके बैंक खाते में जमा होती है
- मंडी के मुख्य द्वार पर किसान के वाहन का पंजीयन किया जाता है
- वाहन के आने और जाने का वक्त रजिस्टर में दर्ज किया जाता है
- किसान को प्याज बेचने पर मंडी से मिलती है विक्रित प्याज की पर्ची

आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
घोटाला उजागर होने पर बीजेपी ने कहा है कि ये देश का सबसे बड़ा घोटाला है, वहीं कांग्रेस ने कहा कि ये बीजेपी शासनकाल के दौरान से चल रहा मामला है, जो हमारी सरकार ने खोला है और इसकी जड़ों तक पहुंचेंगे.