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सिंगल थिएटरों ने 'ऐ दिल है मुश्किल' को दिखाने से किया मना
February 29, 2020 • Admin

मल्टी स्टार फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में नहीं रिलीज होगी. सिनेमा ऑनर्स और एग्ज‍िबि‍टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओइएआई) ने फैसला किया है कि वे उन फिल्मों को रिलीज नहीं करेंगे, जिसमें पाकिस्तानी कलाकार होंगे. फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान के काम करने को लेकर विवाद है.
करण जौहर की इस फिल्म में रणबीर कपूर, ऐश्वर्या राय, फवाद खान और अनुष्का शर्मा मुख्य भूमिका में हैं. सीओइएआई के अध्यक्ष नितिन दातार ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पाकिस्तानी कलाकारों वाली फिल्म न रिलीज करने की घोषणा की. नितिन दातार ने कहा कि देश के लोगों की देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय हित का ख्याल रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
'सीओइएआई की अपने सारे वितरकों से अपील है कि ऐसी किसी फिल्म की स्क्रीनिंग से बचें, जिनमें पाकिस्तानी कलाकार, टेक्निशन, निर्देशक या संगीत निर्देशक शामिल हों.'— नितिन दातार, सिनेमा ऑनर्स और एग्ज‍िबि‍टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष
पाकिस्तानी कलाकारों का विरोध करने के फैसले से फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट नाराज हैं. विक्रम भट्ट ने कहा कि अगर आप पीछे मुड़कर देखें तो एक कानून नहीं बना सकते. तुम बस खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हो. उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि हमें पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक संबंधों में कटौती करनी चाहिए, लेकिन एक फिल्म जो कि पहले से ही रिलीज हो चुकी है उसे इन सब से अलग रखना चाहिए. जब आप अंदरूनी कलह में पड़ कर भारतीय फिल्म उद्योग को प्रभावित करते हैं तो पाकिस्तान जीत जाता है.
शाहरुख की फिल्म 'रईस' में भी पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान हैं. रईस के रिलीज के सवाल पर नितिन ने कहा कि भविष्य में अगर परिस्थितियां सामान्य हुईं तो इसकी स्क्रीनिंग की जाएगी.
सिनेमा ऑनर्स और एग्ज‍िबि‍टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नितिन दातार ने बताया कि उनका संगठन फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे संगठनों के भी संपर्क में है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित और भावना को देखते हुए फिल्म इंडस्ट्री को सीओइएआई के निर्णय का समर्थन करना चाहिए.
मालूम हो कि उरी में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई थी. इसके बाद भारतीय सेना के एलओसी पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने से हालात और खराब हुए हैं.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी पाकिस्तानी कलाकारों को देश छोड़ने की धमकी दी थी. एमएनएस ने इस फैसले का स्वागत किया है. हालांकि बॉलीवुड पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर खेमे में बंटा हुआ है.
नितिन दातार ने कहा कि पाकिस्तान ने जब भारत की चीजों को बैन किया उसके बाद यह फैसला लिया गया है. सलमान खान पाकिस्तानी कलाकारों का समर्थन कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि वे (पाकिस्तानी कलाकार) कलाकार हैं आतंकी नहीं.
मनसे ने फिल्म निर्माताओं करन जौहर और महेश भट्ट को धमकी दी है कि अगर उन्होंने पाकिस्तान के कलाकारों के साथ काम किया या उनकी फिल्मों को रिलीज किया तो उन्हें ‘पीटा’ जाएगा.
मनसे की फिल्म शाखा चित्रपट सेना ने यह धमकी दी है. इस संगठन ने हाल ही में भारत में काम कर रहे सभी पाकिस्तानी कलाकारों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने की चेतावनी दी थी.
मनसे की फिल्म शाखा चित्रपट सेना के प्रमुख अमेय खोपकर ने कहा, ‘हमने फिल्म उद्योग से उरी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करने की अपील की थी. हालांकि भट्ट और जौहर ने हमारी अपील पर सकारात्मक जवाब नहीं दिया था.’
खोपकर ने कहा, ‘अगर वे किसी पाकिस्तानी कलाकार के साथ काम करते हैं, तो उन्हें हमारी तरफ से माकूल जवाब के लिए तैयार रहना चाहिए.’उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता ‘ऐ दिल है मुश्किल’ और ‘रईस’ फिल्मों के रिलीज का भी विरोध करेंगे क्योंकि इनमें पाकिस्तानी कलाकारों ने काम किया है.